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इलेक्ट्रॉनिक्स के अनुप्रयं । ( Electronics in Different Fields )

इलेक्ट्रॉनिक्स के अनुप्रयं । ( Electronics in Different Fields ) 

 उद्योगों ( Industries ) में अनुप्रयोग

 उद्योगों में प्रयुक्त पदार्थों के मकैनिकल तथा भौतिक गुणों के अध्ययन के लिये अनेक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम प्रयुक्त किये जाते हैं । अनेक इन्डस्ट्रियल प्रक्रियाओं में , कन्ट्रोलिंग नि ओं में इलेक्ट्रॉनिक परिपथों का उपयोग किया जाता है । इलेक्ट्रॉनिक परिपथ , पदार्थों की गुण त्तिा ( quality ) , भार , आर्द्रता ( moisture ) आदि को कन्ट्रोल करते हैं । कम्प्यूटर न्यूमैरिक कन्ट्रोलर्स ( C.N.C. ) उत्पादन की विभिन्न स्टेजों में प्रयुक्त करने से , उच्च एक्यूरेसी , समय की कम खपत , सुपरविजन की कम आवश्यकता , तीव्र क्रियायें आदि होती हैं । गणितीय कैलकुलेटर्स , वैज्ञानिक कैलकुलेटर्स का उपयोग तीव्र गणनाओं के लिये व्यापक रूप से किया जाता है । विद्युत पावर स्टेशनों में पावर के विशाल उत्पादन , बहुत छोटे आकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस करती हैं । 


प्रतिरक्षा के क्षेत्र में ( In Defiance ) 

प्रतिरक्षा के कार्यों के लिये भी इलेक्ट्रॉनिक्स वरदान स्वरूप है । प्रतिरक्षा में कम्यूनिकेशन के अति तीव्र ( ultra fast ) साधनों की आवश्यकता होती है । प्रतिरक्षा प्रणाली में , राडार के विकास से अत्याधिक सामरिक ( strategic ) परिवर्तन हुये । राडार द्वारा वायुयानों की ठीक स्थिति ज्ञात की जा सकती है । फाइटर एयरक्राफ्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स पर आधारित उपकरणों का उपयोग किया जाता है । मिसाइल लॉचिंग में कम्प्यूटर्स का व्यापक उपयोग किया जाता है । गाइडेड मिसाइल्स ( guided missiles ) पूर्णतया इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा ही नियन्त्रित होती हैं । इसके अतिरिक्त प्रतिरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिये प्रतिदिन इलेक्ट्रॉनिक युक्तियों का विकास हो रहा है ।

मापन में ( In Instrumentation ) 

इन्स्टूमैन्टेशन मूलत : उन विभिन्न राशियों के मापन से सम्बन्धित है जो इन्डस्ट्री एवं रिसर्च संस्थानों की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं । CRO , डिजिटल वोल्टमीटर , स्ट्रेन गेज , फ्रीक्वैन्सी काउन्टर , सिगनल जेनरेटर , VTVM आदि अनेक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक युक्तियाँ हैं जिनका इन्सटूमैन्टेशन में अत्यधिक महत्त्व है । इन युक्तियों के बिना कोई रिसर्च से सम्बन्धित कार्य सम्पन्न नहीं किया जा सकता ।

 अन्तरिक्ष में ( In Space )

 अन्तरिक्ष में रकिट प्रक्षेपण से सम्बन्धित प्रत्येक कार्य इलेक्ट्रॉनिक युक्तियों द्वारा ही के ऑपरेट एवं कन्ट्रोल किया जाता है । विभिन्न ग्रहों एवं उपग्रहों की स्थिति एवं उन पर उपस्थित वातावरण ( उदाहरणतः दाब , ताप , आर्द्रता ) आदि की जानकारी प्राप्त करने के लिये कृत्रिम उपग्रहों का प्रक्षेपण किया जाता है । उपग्रह , विभिन्न स्थानों पर बातावरण आदि से सम्बन्धित सूचनायें , इलेक्ट्रॉनिक युक्तियों द्वारा एकत्र कर क्षण भर में पृथ्वी पर बेस स्टेशन को ट्रांसमिट कर देते हैं । सूचनाओं का ट्रांसमिशन तथा अभिग्रहण ( reception ) इलेक्ट्रॉनिक युक्तियों द्वा पति उच्च आवृत्ति ( ultra high frequency and very high frequency ) पर जाता है । प्राप्त सूचनाओं का इलेक्ट्रॉनिक विधियों द्वारा विश्लेषण कर वैज्ञानिक ,

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