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AC (Alternating Current) क्या है?

 AC थ्योरी (AC Theory) विद्युत इंजीनियरिंग का एक महत्वपूर्ण विषय है, जो विद्युत धारा (Electric Current) की बदलती दिशा और समय के साथ बदलते परिमाण (Magnitude) को समझने पर आधारित है। यह थ्योरी मुख्यतः वैकल्पिक धारा (Alternating Current) के सिद्धांतों और उनके व्यवहारों का अध्ययन करती है।

AC (Alternating Current) क्या है?

AC या वैकल्पिक धारा वह विद्युत धारा है, जो समय के साथ अपनी दिशा और परिमाण को लगातार बदलती रहती है। इसके विपरीत, DC (Direct Current) में धारा की दिशा और परिमाण स्थिर रहती है।

AC का महत्व

AC का उपयोग घरेलू और औद्योगिक विद्युत वितरण में अधिक होता है क्योंकि इसे ट्रांसफार्मर की मदद से आसानी से उच्च या निम्न वोल्टेज में परिवर्तित किया जा सकता है।

AC के मुख्य घटक

  1. फ्रीक्वेंसी (Frequency): यह बताती है कि धारा प्रति सेकंड कितनी बार दिशा बदलती है। इसका मापन हर्ट्ज़ (Hz) में किया जाता है।
  2. वोल्टेज (Voltage): यह विद्युत बल को दर्शाता है जो इलेक्ट्रॉनों को प्रवाहित करता है।
  3. फेज (Phase): यह बताता है कि किसी विशेष समय पर धारा का परिमाण क्या है।

AC का गणितीय विवरण

AC को आमतौर पर एक साइन वेव (sine wave) के रूप में दर्शाया जाता है, जो निम्नलिखित समीकरण से व्यक्त होती है:

𝑣(𝑡)=𝑉𝑚sin(𝜔𝑡+𝜙)

जहाँ:

  • 𝑣(𝑡) = समय 𝑡 पर वोल्टेज
  • 𝑉𝑚 = अधिकतम वोल्टेज (Peak Voltage)
  • 𝜔 = कोणीय वेग (Angular Velocity), 𝜔=2𝜋𝑓 (जहाँ 𝑓 फ्रीक्वेंसी है)
  • 𝜙 = फेज कोण (Phase Angle)

फेज और फेज अंतर

AC थ्योरी में फेज का एक महत्वपूर्ण स्थान है। फेज अंतर का मतलब होता है कि दो साइन वेव्स के बीच कितनी देरी है। इसे डिग्री या रेडियन में मापा जाता है।

RMS वोल्टेज (RMS Voltage)

AC में प्रभावी वोल्टेज को Root Mean Square (RMS) वोल्टेज कहा जाता है। इसे निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है:

𝑉𝑟𝑚𝑠=𝑉𝑚2

ट्रांसफार्मर

AC सिस्टम में ट्रांसफार्मर का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है। ट्रांसफार्मर AC वोल्टेज को उच्च से निम्न या निम्न से उच्च में परिवर्तित करता है।

निष्कर्ष

AC थ्योरी विद्युत इंजीनियरिंग का एक आवश्यक हिस्सा है, जो विद्युत धारा के व्यवहार और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने में मदद करता है। AC की समझ के बिना आधुनिक विद्युत प्रणालियों की डिजाइन और कार्यान्वयन असंभव है। 

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