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भौतिकी का परिचय ( Introduction of Physics )

 भौतिकी का परिचय ( Introduction of Physics ) 




आज से करीब पाँच सौ वर्ष पूर्व मानव जाति का विश्वास था कि उनका जीवनयापन स्थिर आकाशीय पिण्ड “ पृथ्वी " पर हो रहा है जो स्वयं ब्रह्माण्ड के केन्द्र पर स्थित है । सौर परिवार ( Solar system ) के बाहर की दुनिया सभी के लिए रहस्यपूर्ण थी । अणुओं तथा परमाणुओं के अवयवी कणों " Submicroscopic domain of atoms and molecules " से लोग अनभिज्ञ थे।

 प्रकृति एवं प्राकृतिक घटनाओं के सन्दर्भ में कोई स्थापित नियम नहीं था , परन्तु मनुष्य प्रकृति में घटित हो रही घटनाओं के सम्बन्ध में सम्पूर्ण ज्ञान प्राप्त करने के लिए सदैव तत्पर था । उसने प्रकृति में घटित होने वाली घटनाओं का सम्यक् अवलोकन ( Observation ) किया तथा तद्नुरूप उन्नत जीवन की अभिलाषा में " क्रमानुसार व्यवहार " का " अनुभव " ( Experience ) पीढ़ी दर पीढ़ी " ज्ञान " ( Knowledge ) के रूप में हस्तान्तरित करता गया । प्रत्येक पीढ़ी ने प्राप्त ज्ञान में अपने नये अनुभवों तथा अन्वेषणों ( Research ) के तथ्यों को जोड़ा , जिससे समय के साथ - साथ लोगों के ज्ञान - भंडार में वृद्धि होती गयी । शिक्षाविदों तथा वैज्ञानि कों ने अपने आस - पास घटित हो रही घटनाओं के सम्बन्ध में संचित ज्ञान भंडार से प्रकृति के गूढ़ रहस्यों के नियम स्थापित किये ।

 " प्राकृतिक अथवा मानवरचित घटित घटनाओं के तथ्यों का सुसंगठित , स्पष्ट , क्रमबद्ध ज्ञान ही विज्ञान है । "

 " Science is the systematic study of facts , events and happenings of natural as well as manmade Corigin . 

वास्तव में " विज्ञान " ( Science ) शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द " Scientia " से हुई है जिसका अर्थ है " जानना " ( To know ) तथा “ भौतिकी " ( Physics ) ग्रीक शब्द " Physikos " है जिसका अर्थ है " प्रकृति " ( Nature ) , इस प्रकार

 ' भौतिकी विज्ञान की वह शाखा है जिसके अन्तर्गत हम प्रकृति तथा प्राकृतिक घटनाओं का क्रमबद्ध अध्ययन करते हैं । 

" Physics is the branch of science, which deals with the study of nature and natural phenomena. 

" भौतिकी का सम्बन्ध इस ब्रह्माण्ड ( Universe ) की कार्य प्रणाली से है अर्थात् " द्रव्य " ( Matter ) तथा “ ऊर्जा " ( Energy ) एवं इनके अन्तर्सम्बन्धों ( Inter - relations ) के अध्ययन से है!

 भौतिकी , विज्ञान की सबसे विशाल एवं विस्तृत शाखा है , अतः सुगमता हेतु इसका सम्पूर्ण अध्ययन निम्न शाखाओं में विभाजित करके किया जाता है 

  1.  सामान्य भौतिकी ( General Physics ) – इसमें द्रव्य के सामान्य गुण तथा बल के अधीन गति अथवा विराम अवस्था , गुरुत्वाकर्षण , द्रव यान्त्रिकी आदि का अध्ययन किया जाता है ।
  2.  स्थिर विद्युत ( Electrostatics and Electricity ) - इसमें स्थिर आवेशो प्रेरण तथा गतिमान आवेशों के गुणों अभिलक्षणों आदि का अध्ययन किया जाता है ।
  3.  इलेक्ट्रॉनिको ( Electronics ) - इलेक्ट्रॉन तथा कोटर , तापायन , निर्वात बल्च में तापायनिक उत्सर्जन , अर्द्धचालक पदार्थको ICT आदि का अध्ययन किया जाता है ।
  4.   प्रकाशिको ( Opticx ) - इसमें प्रकाशिक आदि का अध्ययन किया जाता है । सोतो . प्रकाश संचरण माध्यमो , लेसर , मेसर , अपवर्तनांक तथा अपवर्तन 
  5.  ऊष्मा तथा ऊष्मागतिको ( Heat and Thermodynamics ) - इसमें ऊष्मा ऊर्जा , ताप तथा ऊष्मा ऊर्जा स्थानान्तरण विधियों , पदार्थों को ऊष्मा चालकता गुणांक , ऊष्मागतिको के नियमों आदि का अध्ययन किया जाता है ।
  6.  ध्वनि ( Sound ) — इसमें माध्यम में उत्पन्न विशोभ , यान्त्रिक तरंगों के प्रकार , उनका माध्यम में संचरण , परावर्तन , ध्याति के गुणों ध्वनिकता , भवन ध्वनिको इत्यादि का अध्ययन किया जाता है ।
  7. नाभिकीय भौतिको ( Nuclear Physics ) - इसमें अणुओं , परमाणुओं तथा अन्य अवयवी कणों तथा उनके अन्तर्सम्बन्धों एवं नाभिकोय ऊर्जा , रेडियोएक्टिविटी इत्यादि का अध्ययन किया जाता है । 
  8. क्वांटम यांत्रिकी ( Quantum Mechanics ) - इसमें प्रकाश ऊर्जा कणों , प्रकाश वैद्युत प्रभाव , प्रकाश कणों के अन्य अभिलक्षणों का अध्ययन किया जाता है ।
  9. सापेक्षता का सिद्धान्त ( Theory of Relativity ) - इस सिद्धाना के द्वारा स्थिर तथा गतिमान वस्तुओं के मध्य का अध्ययन किया जाता है । 
  10. सममिति का सिद्धान्त ( Theory of Symmetry ) - इसमें सूक्ष्मतम स्तर पर अथवा अखिल विस्तारित ब्रह्माण्ड कोपरममिता का सिद्धान्त लागू कर प्रकृति अथवा प्राकृतिक घटनाओं आदि का अध्ययन किया जाता है । 


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